3 Mulaqatein Aur Kuch Kahaniyaan By Yahya Bootwala
3 मुलाकातें और कुछ कहानियाँ’ हमारी भाषा में हमारे अपने समय की कहानियाँ हैं। इनके किरदार हमारे जैसे और जाने-पहचाने-से लगते हैं। प्रेम कहानियों का सार्वकालिक विषय है, लेकिन क्या हर समय का प्रेम एक-सा होता है? नहीं। क्या पिता और संतानों का रिश्ता हमेशा एक जैसा रहता है? जी नहीं। क्या रिश्तों के जज़्बात हर समय एक से होते हैं? बिल्कुल नहीं। ये कहानियाँ रिश्तों के इसी बदलाव को पकड़ती हैं। इसमें कुल बारह कहानियाँ हैं, जो एक साथ हमारे अपने समय का रेखांकन करती हैं। इनकी भाषा हमारी टूटन, कश्मकश और बेहवास ज़िंदगी को तो पकड़ती है, लेकिन उसमें प्रेम, त्याग और इंसानियत की रोशनी भी दिखाई पड़ती है। लेखक याह्या लोकप्रिय स्पोकन वर्ड आर्टिस्ट हैं और लाखों लोग उनकी कहानियों की प्रतीक्षा करते हैं।
Categories: Literature & Fiction







